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“विक्रमजोत स्वास्थ्य केंद्र बना भ्रष्टाचार का अड्डा: कोर्ट के आदेश पर भी भारी है बाबू प्रदीप श्रीवास्तव का ‘रेट कार्ड’!”

"बस्ती में 'कमीशनखोर' बाबू का नंगा नाच: एरियर भुगतान के नाम पर 10% की खुली लूट, वीडियो वायरल!"

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। बेशर्मी की हद: विक्रमजोत स्वास्थ्य केंद्र में बिना ‘चढ़ावे’ के नहीं कटती फाइल, बाबू का 10% कमीशन वाला वीडियो वायरल।।

उत्तर प्रदेश।

बस्ती (विक्रमजोत)। सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा नमूना विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला है। यहाँ तैनात एक भ्रष्ट बाबू ने मानवता और न्यायालय के आदेश, दोनों को ताक पर रख दिया है। मामला एक बेसहारा एएनएम के एरियर भुगतान का है, जिसके बदले बाबू प्रदीप श्रीवास्तव पर लाखों की घूस मांगने का गंभीर आरोप लगा है।

💫कोर्ट का आदेश भी बाबू के सामने बौना

पीड़ित एएनएम ने बताया कि माननीय न्यायालय ने 4 महीने के भीतर एरियर भुगतान करने का स्पष्ट आदेश दिया था। विभाग में अन्य सभी कर्मचारियों का भुगतान हो गया, लेकिन इस महिला कर्मचारी को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि उसके ‘आगे-पीछे’ कोई पैरवी करने वाला नहीं है। आरोप है कि बाबू प्रदीप श्रीवास्तव मूल रकम का 10% कमीशन मांग रहे हैं।

💫किस्तों में वसूली: 45 हजार लेकर भी नहीं भरा पेट

पीड़ित महिला के अनुसार, वह अब तक दो बार में 45 हजार रुपये (एक बार 20 हजार और दूसरी बार 25 हजार) बाबू को दे चुकी है। इसके बावजूद भ्रष्ट बाबू की भूख शांत नहीं हुई है और वह कुल 1 लाख रुपये की डिमांड पर अड़ा है। एएनएम का कहना है कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि अब उसने अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया है।

💫सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

बाबू द्वारा पैसा लेते समय बनाया गया एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी दफ्तरों में अब कर्मचारियों को उनका हक पाने के लिए भी अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इन ‘सफेदपोश लुटेरों’ को देना होगा?

💫साहब! अब तो कार्रवाई कीजिये

भ्रष्टाचार का यह खुला खेल अब सार्वजनिक है। पीड़ित महिला ने न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि जिले के आला अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इस ‘वीडियो साक्ष्य’ के बाद भ्रष्ट बाबू पर नकेल कसते हैं या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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